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Divorce Line in Palm - हथेली में तलाक रेखा

Divorce Line in Palm | हथेली में तलाक रेखा। विवाह रेखा (Marriage Line) के सूक्ष्म अध्ययन से वैवाहिक जीवन में आने वाली परेशानी और उससे होने वाले तलाक (Divorce) जैसी घटना को सहज रूप में जाना जा सकता है और समय रहते हुए एक परिवार को टूटने से बचाया जा सकता है।वस्तुतः विवाह और विवाह के पश्चात का जीवन मनोवांछित रूप से व्यतीत होगा या नहीं की चिंता अधिकांशतः लोगो में होती ही है

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जाने! हथेली में कहां होती है तलाक रेखा | Know where is the Divorce Line in Palm

कनिष्ठिका उंगली के नीचे,  ह्रदय रेखा के ऊपर हथेली के  बाह्य ओर से आनेवाली रेखा तलाक रेखा या विवाह रेखा कहलाती है। वस्तुतः विवाह रेखा ही तलाक रेखा होती है। विवाह रेखा में अवांछित   परिवर्तन ही तलाक का रूप ले लेता है। विवाह रेखा एक या एक से अधिक भी हो सकती है। हथेली में यह रेखा बहुत ही प्रसिद्ध रेखा है सामान्यतः यह देखा गया है कि लोग एक-दूसरे के हाथों में विवाह रेखा देखकर कहते है की आपकी हथेली में दो या तीन विवाह रेखा है तो अवश्य ही तलाक होगी और पुनः दूसरी शादी होगी।

हथेली में रेखाए कैसी होनी चाहिए | How should be Palm Line

हस्तरेखा में जो भी रेखा बिलकुल स्पष्ट, बारीक, गहराई लिए हुए, तथा सुन्दर हो तो उसे बहुत ही अच्छा माना जाता है। यदि आपकी रेखा स्पष्ट नहीं है टूटी-फूटी, द्वीप,जाला, से युक्त है तो अच्छा नहीं होता। ऐसा होने पर अवश्य ही दाम्पत्य जीवन में कोई न कोई समस्या आती है।
आइये जानने का प्रयास करते है कि आपकी हथेली में उपस्थित विवाह रेखा कैसे तलाक रेखा बन जाती है और देखते देखते ही वैवाहिक जीवन बिखर जाता है।

Divorce Line in Palm | हथेली में तलाक की रेखा

यदि विवाह रेखा नीचे की ओर अधिक झुकी हुई है तो यह इस बात की ओर इशारा करती है कि          आपके वैवाहिक जीवन में कोई न कोई परेशानी अवश्य ही आने वाली है अतः आपके हथेली में यदि विवाह रेखा झुकी हुई है तो सतर्क हो जाईये और अपने आचरण में तुरंत ही सुधार कर लीजिए अन्यथा सम्बन्ध विच्छेद अवश्यम्भावी है।
यदि विवाह रेखा आरम्भ में ही हथेली की ओर दो शाखाओं में विभाजित होकर पुनः मिलकर एक रेखा में आगे बढ़ती है तो समझना चाहिए की वैवाहिक सम्बन्ध विच्छेद अपने दोष अथवा स्वभाव के कारण होता है न कि दूसरे के कारण।

Divorce Line 

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यदि विवाह रेखा कनिष्ठिका और अनामिका के नीचे वाले क्षेत्र में दो शाखाओं में बटती है तो सम्बन्ध विच्छेद अथवा अनबन दूसरे पक्ष के कारण होता है ऐसा समझना चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति के हथेली में विवाह रेखा के आरंभ में दो या तीन शाखाएं निकल रही है तो उस व्यक्ति की प्रणय या विवाह टूटने का खतरा रहता है।
यदि आपकी विवाह रेखा के अंत में रेखा दो शाखाएं में बिभक्त हों तो यह पति-पत्नी के मध्य वैचारिक मतभेद पैदा करती है और कभी-कभी यह भयंकर रूप धारण कर तलाक का रूप ले लेती है।
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यदि विवाह रेखा भंग (Break) है तो इसका मतलब की शादी की बाद समबन्ध विच्छेद (Divorce) होने की प्रबल सम्भावनाएं है। विवाह रेखा मध्य में ही टूटी हो तो यह विवाह टूटने का संकेत समझना चाहिए। परन्तु इसके लिए हथेली के अन्य चिह्नों पर भी अवश्य ही विचार करना चाहिए अन्यथा आपको लग सकता है कि हस्तविज्ञान झूठा है किसी भी शास्त्र का परिणाम पूर्णता में देखना चाहिए।
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विवाह रेखा पर द्वीप का चिन्ह इस बात की ओर इशारा करती है कि अनैतिक सम्बन्ध के कारण पति पत्नी में झगड़ा होगा और सम्बन्ध विच्छेद भी।
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Life Line : जीवन रेखा

क्या कहती है आपकी हथेली की जीवन रेखा ( what say Life Line of your hand )
Life Line / जीवन रेखा मनुष्य के जीवनी शक्ति, उसकी परिश्रम की शक्ति के सामर्थ्य तथा उसकी सीमा के अतिरिक्त जीवन में घटी अच्छी या बुरी घटनाओं, जीवन में आने वाली बाधाओं और बाधाओं की आशंकाओ के साथ साथ शरीर में गुप्त रूप से पनप रहे रोग विशेष का ज्ञान कराती है विशेषतः लिवर, गले, फेफड़े, मूत्राशय से सम्बंधित रोग का।
जीवन रेखा को सामुद्रिक शास्त्र में पितृ रेखा के नाम से जाना जाता है। इसे आयु रेखा अथवा कुल रेखा भी कहा जाता है। अंग्रेजी में इसे लाइफ लाइन या वाइटल लाइन के नाम से जाना जाता है। हाथ की रेखाओं से हम सहज ही जीवन में होने वाली घटनाओं का पता लगा सकते है। हमारी हथेली में स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली चार रेखाओ में जीवन रेखा का महत्त्वपूर्ण स्थान है।
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Life Line / जीवन रेखा कहाँ से आरम्भ होती है ?

जीवन रेखा का उद्गम तर्जनी एवं अंगूठे के मध्य से होता है या यह कह सकते है की जीवन रेखा गुरु पर्वत के नीचे से तथा मंगल पर्वत के ऊपर से निकलता है। जीवन रेखा यहाँ से निकलकर शुक्र पर्वत को घेरती हुई मणिबंध के पास तक जाती है। मनुष्य के जीवन के लिए यह रेखा बहुत ही महत्वपूर्ण रेखा है कहा जाता है की यदि जीवन है तो सब कुछ है अन्यथा कुछ भी नहीं।

कैसी होनी चाहिए आपकी Life Line / जीवन रेखा

जो रेखा स्पष्ट गहरी, बिना किसी अवरोध के हो तथा उसका रंग त्वचा के रंग से गहरे लाल रंग के समान हो वही रेखा अच्छी रेखा मानी जाती है।जीवन रेखा तभी उत्तम मानी जाती है यदि उसे अन्य रेखा न काटती हो तथा वह लम्बी हो इसका अर्थ है कि व्यक्ति की आयु लम्बी होगी और उसका अधिकतर जीवन सुखपूर्वक बीतेगा। आप अपने हाथ खोलकर यह देख सकते है आपके जीवन रेखा स्पष्ट है अथवा नहीं और यदि कही रुकावट या रेखा में टूट है तो समझे की जीवन के उस वर्ष में कोई परेशानी आ सकती है। रेखा छोटी तथा कटी होने पर आयु कम एवं जीवन संघर्षमय होगा ।

Life Line / जीवन रेखा किससे प्रभावित होती है

जीवन रेखा गुरु तथा मंगल क्षेत्र के प्रभाव के साथ शुक्र क्षेत्र से विशेषतः प्रभावित होती है। गुरु (Jupiter ) क्षेत्र जहाँ ज्ञान तथा न्याय से व्यक्ति को जाोड़ता है तो मंगल (Mars) क्षेत्र का प्रभाव व्यक्ति में साहस और उत्साह भरता है। वही शुक्र (Venus) क्षेत्र का प्रभाव व्यक्ति में काम वासना विषयभोग, कला के प्रति प्रेम, सौंदर्यप्रियता, भौतिकता, अभिनय जीवन जीने के प्रति उत्साह का सृष्टि करता है।
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अपनी हथेली में देखें आपका जीवन रेखा कैसा है ?

आप अपने हथेली को खोल लें और तर्जनी तथा अंगूठे के बीच से निकलने वाली वह रेखा जो अंगूठे से ज्यादा नजदीक से निकल रही है को देखे की कहा जा रही है सामान्यतः यह रेखा शुक्र पर्वत को घेरते हुए मणिबंध तक जाती है अब सबसे पहले देखना यह है की यह रेखा कैसा है यदि स्पष्ट गहरी काम चौड़ी तथा लालिमा लिए हुए है तो यह रेखा आपके अच्छे स्वास्थ्य, लम्बी आयु वा पूर्णायु , जीवन के प्रति उत्साह, प्रसन्न चित्त तथा साहस को दर्शाता है और यदि यह रेखा अस्पष्ट है धुंधली है, कमजोर है, टुटा-फूटा है या अन्य कई रेखाएं आकर मिल रही है तो यह मध्यायु, अस्वस्थता, पेट सम्बन्धी परेशानी तथा पारिवारिक परेशानी की सूचना देती है अतः अपने आप में तुरंत सुधार करने के उपाय सोचनी शुरू कर देनी चाहिए।

जीवन रेखा के सम्बन्ध में महत्त्वपूर्ण बातें

  • यदि आपकी जीवन रेखा एकदम पतली और है तो यह रेखा आपके ख़राब स्वास्थ्य तथा अचानक दुर्घटना की ओर संकेत करती है।
  •  छोटी जीवन रेखा कम आयु बताती है। परन्तु यदि जीवन रेखा छोटी है और भाग्य रेखा ह्रदय रेखा मजबूत है तो अपनी आयु कम समझने का भूल नहीं करना चाहिए।
  • लम्बी तथा गहरी जीवन रेखा जातक को दीर्घायु बनाती है।
  • यदि जीवन रेखा बहुत ज्यादा छिन्न-भिन्न है तो यह किसी दुर्घटना या अचानक बीमार होने का संकेत करती है।
  •  यदि आपकी रेखा गहरी लाल रंग की हो तो ऐसा व्यक्ति अत्यधिक गुस्सा वाला होगा और यदि मंगल पर्वत उन्नत हो तो क्या कहना गुस्सा में हत्या भी कर सकता है।
  • जिस व्यक्ति की जीवन रेखा पीली आभा लिए हुए हो तो उस जातक को एनिमिया या पीलिया की बीमारी हो सकती है।
  • जीवन रेखा पर जितनी बार क्रॉस होगा उस जातक को जीवन में उतनी ही बार शारीरिक परेशानी से गुजरना पड़ सकता है।
  • यदि जीवन रेखा को बारीक-बारीक रेखाएँ काटती हो तो उस जातक को अवश्य ही पारिवारिक जीवन में कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।
  • यदि लाइफ लाइन पर बिन्दु हो या कटी रेखा भी हो तो उस जातक की मृत्यु हार्टअटैक से हो सकती है।
  • जीवन रेखा से निकलकर कोई शाखा बुध पर्वत की ओर जाए तो वैसा व्यक्ति व्यापारी होता है और व्यापार के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है।
  • जीवन रेखा पर गोल सर्कल, तारा का निशान, काला तिल आदि का निशान हो तो यह अच्छा नहीं है इसे  किसी दुर्घटना का संकेत समझे।

Marriage Line – विवाह रेखा बताएगा पति पत्नी और प्रेमी का रहस्य

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Marriage Line – विवाह रेखा बताएगा पति पत्नी और प्रेमी का रहस्य (Marriage line in Palm will open your all secret of Husband Wife and Lover Relations) विवाह और विवाह के बाद का जीवन कैसा रहेगा (How about Marriage and after Marriage Life ) यह जानने की जिज्ञासा अधिकांशतः लोगों में रहती है। आप अपनी हथेली में विद्यमान रेखाओं के माध्यम से विवाह और वैवाहिक जीवन से जुड़ी महत्त्वपूर्ण बाते जान सकते है। परन्तु इसके लिए आपको अपने हथेली में उपस्थित विवाह रेखा का सूक्ष्म अध्ययन करना अत्यावश्यक होगा।

जाने! हथेली में कहां होती है विवाह रेखा | Marriage Line in Palm


कनिष्ठिका अंगुली के नीचे, ह्रदय रेखा के ऊपर तथा बुध पर्वत पर हथेली के बाहरी ओर से आनेवाली रेखा विवाह रेखा कहलाती है। कनिष्ठिका उंगली के नीचे वाले भाग को बुध पर्वत कहा जाता है।विवाह रेखा एक या एक से अधिक भी हो सकती है। यह रेखा बहुत ही प्रसिद्ध रेखा है अक्सर यह देखा जाता है कि लड़के-लड़कियां एक-दूसरे के हाथों में एक से अधिक रेखा को देखकर कहते है कि आपकी दो शादी होगी या किसी अन्य लड़का या लड़की से सम्बन्ध होगा इत्यादि इत्यादि।

हथेली में विवाह रेखा कैसा होना चाहिए (How should the Marriage Line in Palm)

हस्तरेखा का एक सर्वमान्य नियम है कि जो भी रेखा आपके हाथ में है वह बिलकुल स्पष्ट, बारीक, गहराई लिए हुए, तथा सुन्दर हो तभी अच्छा माना जाता है। यदि आपकी रेखा स्पष्ट नहीं है या रेखा टूटी हुई, द्वीप,जाला, से युक्त है तो अच्छा नहीं है आपको अवश्य ही दाम्पत्य जीवन में समस्या आएगी।
आइये जानने का प्रयास करते है की आपकी हथेली में उपस्थित विवाह रेखा क्या कहती है।, यह रेखा यह भी बताती है कि आपका वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा।

हथेली में प्यार की रेखाएं | Love Line in your Hand

यदि आपकी हथेली में एक से अधिक विवाह रेखाएं है तो वह प्रणय सम्बन्ध (Love or love Marriage) की ओर इशारा करती हैं।
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यदि विवाह रेखा (Marriage Line) ह्रदय रेखा से बहुत नजदीक है तो वह बीस वर्ष से पूर्व ही प्रणय सम्बन्ध होने की सूचना देती है। और यदि विवाह रेखा छोटी उंगली तथा ह्रदय रेखा के मध्य में हो बाइस वर्ष अथवा इसके बाद प्रणय सम्बन्ध होने की सूचना समझना चाहिए।

हथेली में विवाह रेखा और वैवाहिक जीवन | Marriage Line and Married Life in Palm

  1. यदि किसी महिला के हाथ में विवाह रेखा (Marriage Line) के प्रारम्भ में कोई द्वीप का चिह्न हो तो उस व्यक्ति कि शादी किसी धोखे से होने की संभावनाएं रहती हैं। साथ ही, यह द्वीप इस बात की ओर भी इशारा करती है कि आपके जीवन साथी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है।                                                                                                                                                                                  
  2. यदि किसी व्यक्ति के हाथ में विवाह रेखा (Marriage Line) हृदय रेखा को काटते हुए नीचे की ओर चली जाए तो यह अच्छा नहीं माना जाता । ऐसी रेखा जीवन साथी के लिए खतरे की घंटी है। साथ ही व्यक्ति प्रणय अथवा विवाह को लेकर हमेशा दुखी या परेशान रह सकता है ऐसा देखा गया है।                                                                                                                                                                                 
  3. यदि किसी जातक की हथेली में विवाह रेखा (Marriage Line) सूर्य पर्वत की ओर जा रही है या वहां तक पहुंच चुकी है तो यह उस बात का संकेत करता है कि उसका जीवन साथी अवश्य ही समृद्ध और सम्पन्न परिवार से होगा।                                                                                                                                                                                 
  4. यदि बुध पर्वत से आने वाली कोई रेखा विवाह रेखा को काट दे तो व्यक्ति का दाम्पत्य जीवन में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  
  5. यदि किसी पुरुष के बाएं हाथ में दो विवाह रेखा है और दाएं हाथ में एक विवाह रेखा है तो ऐसे लोगों की पत्नी सर्वगुणसम्पन्न होती है तथा इन लोगों की पत्नी पति का बहुत अधिक ध्यान रखने वाली एवं अधिक प्रेम करने वाली होती है।                                                                                                                                                                                 
  6. यदि दाएं हाथ में दो विवाह रेखा है और बाएं हाथ में एक विवाह रेखा है तो ऐसे लोगों की पत्नी अपने पति का अधिक ध्यान रखने वाली नहीं होती है।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  
  7. दोनों हाथों में विवाह रेखा (Marriage Line) एक जैसा हो तो ऐसे लोगों का वैवाहिक जीवन सुखी होता है। इनका अपने जीवन साथी से सामंजस्य बना रहता है।                                                                                                                                                                                 
  8. यदि किसी व्यक्ति के हाथ में विवाह रेखा (Marriage Line) ऊपर की ओर मुड़ जाए और कनिष्ठिका उंगली तक पहुंच जाए तो ऐसे व्यक्ति के विवाह में बहुत ही परेशानियां आती हैं। यही नहीं सामान्यतः विवाह होना भी मुश्किल हो जाता है। कभी कभी तो ऐसा भी देखा गया है कि विवाह ही नहीं हो पाता और विवाह हो भी जाता है तो वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रह पाता है।                                                                                                                                                                                 
  9. यदि आपकी विवाह रेखा (Marriage Line) के अंत में त्रिशूल के समान चिह्न दिखाई दे रहा है तो व्यक्ति अपने जीवन साथी से बहुत अधिक प्रेम करता है ऐसा देखा गया है। कभी कभी ऐसा प्रेम इतना बढ़ जाता है कि बाद में जातक के दाम्पत्य जीवन में उदासीनता आने लग जाती है।                                                                                                                                                                                 
  10. यदि विवाह रेखा (Marriage Line) को कोई कोई भी रेखा काट रही हैं तो यह शादी देर से होने की सूचना दे रहा है और विवाह में अनेक प्रकार की बाधाओं का सामना करना पड़ेगा ऐसा माना जाता है।                                                                                                                                                                                 
  11. यदि किसी व्यक्ति के हाथ में विवाह रेखा (Marriage Line) पर क्रॉस का निशान है तो यह जीवन साथी के लिए अच्छा नहीं होता है।ऐसा होने पर जीवन साथी के जल्दी गुजर जाने का खतरा बना रहता है।                                                                                                                                                                                 
  12. यदि विवाह रेखा (Marriage Line) पर किसी वर्ग के समान चिह्न दिखाई दे रहा है तो यह जीवन साथी के खराब स्वास्थ्य का संकेत देता है।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  
  13. यदि किसी की विवाह रेखा (Marriage Line) किसी द्वीप की तरह का आकार लेकर नीचे की ओर झुकते हुए थोड़ी मुड गई हो तो यह समझना चाहिए कि निकट भविष्य में आपके जीवन साथी का जीवन खतरे में है रोग,लम्बी शारीरिक पीड़ा या कोई बड़ी दुर्घटना ,इस व्यक्ति के दुसरे जीवन साथी का जीवन खतरे में डाल सकती है.                                                                                                                                                                                 
  14. यदि किसी व्यक्ति की हथेली में विवाह रेखा (Marriage Line) के प्रारम्भ में ही तिल है तो यह जीवन साथी के खराब स्वास्थ्य की ओर इशारा करता है। यदि यह तिल अधिक कालापन लिए हुए है तो यह जीवन साथी के जीवन के लिए खतरे की घंटी है।

विवाह रेखा सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण तथ्य

यदि किसी व्यक्ति के हाथ में विवाह रेखा (Marriage Line) और हृदय रेखा के मध्य बहुत कम  दूरी है तो ऐसे व्यक्तियों का विवाह कम आयु में होने की संभावनाएं होती हैं। सामान्यतः विवाह रेखा और हृदय रेखा के बीच की दूरी से व्यक्ति के विवाह की उम्र का पता लगाया जाता है। इन दोनों रेखाओं के बीच जितनी अधिक दूरी होगी विवाह उतने ही देर से होने की संभावनाएं रहती हैं।
इस बात का अवश्य ही ध्यान रखें  कि इस लेख में जो भी बताया गया है वह केवल विवाह रेखा (Marriage Line) के आधार पर बताया गया है। ज्योतिष में कोई भी फलादेश सम्पूर्णता के आधार पर किया जाता है अतः आप से अनुरोध है की आप भी हथेली में अन्य रेखाओं  का क्या प्रभाव है उसका अध्ययन करने के बाद ही कोई निर्णय पर पहुंचे ऐसा नहीं की दो विवाह रेखा देखे और कह दे की आपकी दो शादी होगी आपका कोई प्रणय सम्बन्ध है इत्यादि इत्यादि। कई बार ऐसा कह देने मात्र से ही दाम्पत्य सम्बन्धो में तनाव शुरू हो जाता है।
हमारी हथेली में होने वाली  रेखाएं समय समय पर बदलती रहती हैं। रेखा में परिवर्तन होते रहता है और इसका सम्बन्ध आपके कर्म से जुड़ा हुआ होता है यदि हथेली की रेखाए प्रणय सम्बन्ध होने की ओर इशारा कर रही है और आपको इस बात का ज्ञान हो गया है तो आप अपने कर्म के आधार पर इसमें परिवर्तन कर सकते है।

हस्तरेखा से जाने कब होगा विवाह और कब होगा भाग्योदय / Marriage Line Palmistry

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ज्योतिष के विभिन्न रूपों में हस्तरेखाओं की गणना करना काफी दिलचस्प है। इसमें न तो जन्म समय या दिनांक की समस्या रहती है और न ही किसी जन्म पत्रिका की आवश्यकता, जहां है जैसे हैं की स्थिति में जातक का के भाग्योदय के बारे में बताया जा सकता है।

यहां आपको ऐसे ही टिप्प दिए जा रहे हैं जिनके जरिए आप अपना भविष्य खासतौर पर वैवाहिक भविष्य पता कर सकते हैं।
  • विवाह रेखा एक से ज्यादा हो तो जो रेखा लम्बी हो उसे विवाह की रेखा समझना चाहिए। शेष छोटी रेखाएं प्रेम संबंधों या सगाई के बारे में बताती हैं। प्रधान रेखा यदि लम्बी हो लेकिन लहरदार होकर पतली हो जाए तो यह जीवन साथी के स्वास्थ्य के उतार-चढाव को दर्शाती है।

  • सबसे छोटी अंगुली (किनिष्ठका) के नीचे बुध का स्थान माना गया है। यहीं से हृदय रेखा निकल कर बृहस्पति के स्थान की तरफ जाती है। अंगुली के मूल में और हृदय रेखा के मध्य के स्थान पर दिखाई देने वाली आड़ी रेखाओं से व्यक्ति के विवाह का आकलन किया जाता है। रेखाओं की संख्या, स्थिति और उनकी बनावट से विवाह की आयु, स्वरूप, विवाह की संख्या और जीवन साथी की शारीरिक बनावट का आकलन किया जाना चाहिए।

  • कुछ लोग प्रेम विवाह के लिए उक्त रेखाओं से गणना करते हैं। लेकिन वास्तव में प्रेम विवाह के लिए हथेली में बृहस्पति, शुक्र और मंगल के स्थान भी बहुत प्रभावी देखें गये हैं। हालांकि प्रेम विवाह होगा या नहीं, इसकी जानकारी के लिए बुध के स्थान पर पड़ी रेखाओं से काफी कुछ स्पष्ट किया जा सकता है। लेकिन प्रेम विवाह में आ रही अड़चने और प्रेमिका (या प्रेमी) के स्वभाव और चरित्र के बारे में शुक्र और बृहस्पति से अंदाजा लगाना ठीक रहेगा।

  • जब विवाह रेखा दूसरी प्रधान रेखाओं की तुलना में निम्न या उच्च दिखाई दे तो यह अंतरजातीय विवाह की सूचक है। कुछ विद्वान इसे अपने से धनी या निर्धन परिवार में विवाह होने का प्रतीक समझते हैं। अर्थात ऐसी रेखाएं बेमेल विवाह करवाती हैं। यदि इस प्रकार का कोई योग यदि दिखाई दे तो यह निश्चित है कि ऐसे व्यक्ति का विवाह सामान्य तो नहीं होगा।
इसलिए होता है विवाह में विलम्ब
  • यदि बृहस्पति अपने स्थान से शनि की तरफ झुकाव लिये हो तो 30 वर्ष की आयु के बाद विवाह होता है।

  • पुरूष की हथेली में जब विवाह रेखा हृदय रेखा से काफी दूर हो, शुक्र का आकार हथेली में राशि सामंजस्य न बैठा पाता हो साथ ही बृहस्पति के स्थान पर कोई शुभ चिह्न न हो, तो ऐसे जातक का विवाह प्रायः देरी से हुआ करता है। कितनी देरी होगी और विवाह कब होगा यह जानने के लिए पुनः विवाह रेखा से ही आकलन करना चाहिए।

  • यदि हथेली में विवाह रेखा ही न हो तो विवाह में काफी देर हो सकती है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि जीवन में विवाह नहीं होगा। यह अवश्य है इसके कारण विवाह में अनावश्यक रूप से देरी हो सकती है। या फिर उपाय करने पर ही विवाह होगा।
कुछ जरूरी बातें
  • यदि विवाह रेखा द्वीप युक्त हो तो यह जीवन साथी के खराब स्वास्थ्य का द्योतक है।

  • विवाह रेखा का मध्य में खण्डित हो जाना विवाह के टूटने के संकेत हैं। लेकिन इसके लिए हथेली के दूसरों चिह्नों पर भी विचार करना चाहिए।

  • यदि विवाह रेखा सर्प-जिह्वाकार हो तो यह पति-पत्नि के मध्य विचारों की भिन्नता को दर्शाती है।

  • लम्बी और सूर्य के स्थान तक जाने वाली विवाह रेखा संपन्न और समृद्ध जीवन साथी की प्रतीक है।

  • जब विवाह रेखा को खड़ी रेखाएं काट रही हो तो यह विवाह में हो रहे विलम्ब और बाधाओं की सूचक हैं।

हस्तरेखा से पहचानें अपने राजयोग... / RajYog Hastrekha (Palmistry)



अनेक जातक-जातिकाओं की महत्वाकांक्षा होती है राजसुख प्राप्त करने की। वे जानना चाहते हैं कि उनके हाथ में भी राजयोग है या नहीं।  ऐसे महत्वाकांक्षी जातकों के लिए हमारे हस्त रेखा के विद्वान महर्षियों ने अनेक राजयोगों के संबंध में सामुद्रिक शास्त्रों में वर्णन किया है जिसमें मुख्य योग मंत्री, मुख्यमंत्री, राजदूत, राज्याधिकारी, राज्यपाल, न्यायाधीश, वकील आदि योग निम्न प्रकार के हैं- 

1. जिसकी हथेली के मध्य घोड़ा, घड़ा, पेड़, दंड या स्तंभ का चिह्न हो, वह राजसुख भोगने वाला, नगर सेठ के समान धनी होता है। जिसका ललाट चौड़ा और विशाल, नेत्र सुंदर, मस्तक गोल और भुजाएं लंबी हों, वह भी राजसुख भोगता है।   

2. जिसके हाथ में धनुष, चक्र, माला, कमल, ध्वजा, रथ, आसन अथवा चतुष्कोण हो, उसके ऊपर लक्ष्मी सदा प्रसन्न रहती है।   

3. जिसके हाथ में अनामिका के मूल में पुण्य रेखा हो और मणिबंध से शनि रेखा मध्यमा उंगली पर जाए तो वह राजसुख भोगता है।   

4. जिसके अंगुष्ठ में यव चिह्न हो साथ ही मछली, छाता, अंकुश, वीणा, सरोवर, हाथी का चिह्न हो, वह यशस्वी एवं करोड़ों मुद्राओं का स्वामी होता है। 

5. जिसके हाथ में तलवार, पहाड़, हल, चिह्न हो उसके पास लक्ष्मी की कमी नहीं होती है।  

6. जिसके हाथ की सूर्य रेखा मस्तक रेखा से मिली हो और मस्तक रेखा स्पष्ट सीधी होकर गुरु की ओर झुकने से चतुष्कोण का निर्माण होता हो, वह मुख्यमंत्री होता है।   

7. जिसके हाथ में गुरु, सूर्य पर्वत उच्च हो, शनि और बुध रेखा पुष्ट एवं स्पष्ट और सीधी हो, वह राज्यपाल होता है।  
8. जिसके हाथ में शनि पर त्रिशूल चिह्न हो, चन्द्र रेखा का भाग्य रेखा से संबंध हो या भाग्य रेखा हथेली के मध्य से प्रारंभ होकर उसकी एक शाखा गुरु पर्वत पर और एक सूर्य पर्वत पर जाए, वह राज्याधिकारी होता है।  



9. जिसके गुरु, मंगल पर्वत उच्च हो तथा मस्तिष्क रेखा दोहरी हो या बुध की अंगुली नुकीली हो और लंबी हो एवं नाखून चमकदार हो, वह राजदूत होता है।  

10. जिसके बाएं हाथ की तर्जनी एवं कनिष्ठिका की अपेक्षा दाहिने हाथ की तर्जनी एवं कनिष्ठिका मोटी और बड़ी हो, मंगल पर्वत अधिक ऊंचा हो और सूर्य रेखा प्रबल हो, वह कलेक्टर या कमिश्नर होता है।   

11. जिसके हाथ के सूर्य, बुध, गुरु, शनि उच्च हो अंगुलियां लंबी होकर उनके ऊपरी भाग मोटे हों, सूर्य रेखा प्रबल हो मध्यांगुली का मध्य पर्व बड़ा हो, वह शिक्षाधिकारी होता है।  

12. जिसके हाथ की हृदय रेखा और मस्तक रेखा के बीच एक चौड़ा चतुष्कोण हो, मस्तक रेखा सीधी व स्वच्छ हो, बुधांगुली का प्रथम पर्व लंबा हो, गुरु की उंगली सीधी हो सूर्य पर्वत उठा हो, वह दयालु न्यायाधीश होता है।

13. जिसकी अंगुलियां लंबी, अंगूठा लंबा सीधा, अंगुलियां सटी हुईं, मस्तक रेखा में सीधी दो रेखाएं निकलती हो  और हथेली चपटी हो तो वह बैरिस्टर होता है।   

हाथ की मुख्य रेखाएं | Study of Lines in Hastrekha (Palmistry)




हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं का विशेष महत्व है। इसमे सम्मलित लक्षण जैसे क्रास, सितारे, वर्गों और अर्धचन्द्राकार का अध्ययन हथेली द्वारा किया जाता है। यह रेखाएं व्यक्ति का भविष्य, शुभ संकेत और अशुभ संकेत दर्शाती हैं। इन संकेतो का निर्माण व्यक्ति के विचार और कर्मों पर भी निर्भर होता है। यह रेखाएं अपने नाम के अनुसार परिणाम देती हैं। हस्तरेखाविद् द्वारा हस्तरेखाएं जो विश्व भर मे प्रचलित है उनका विवरण नीचे किया जा रहा है

मस्तिष्क रेखा | Mastishk Rekha

मस्तिष्क रेखा का आरंभ तर्जनी उंगली के नीचे से होता हुआ हथेली के दूसरे तरफ जाता है जब तक उसका अंत न हो । ज्यादातर, यह रेखा जीवन रेखा के आरंभिक बिन्दु  को स्पर्श करती है। यह रेखा व्यक्ति के मानसिक स्तर और बुद्धि के विश्लेषण को, सीखने की विशिष्ट विधा, संचार शैली और विभिन्न क्षेत्रों के विषय मे जानने की इच्छा को दर्शाती है।

हृदय रेखा | Hriday  Rekha

हृदय रेखा का उद्गम कनिष्ठा उंगली के नीचे से हथेली को पार करता हुआ तर्जनी उंगली के नीचे समाप्त होता है। यह हथेली के उपरी हिस्से में उंगलियों के ठीक नीचे होती है। यह हृदय के प्राकृतिक और मनोवैज्ञानिक स्तर को दर्शाती है। यह रोमांस कि भावनाओं, मनोवैज्ञानिक सहनशक्ति, भावनात्मक स्थिरता  और अवसाद की संभावनाओं का विश्लेषण करने के साथ ही साथ हृदय संबंधित विभिन्न पहलुओं की भी व्याख्या करती है।

जीवन रेखा | Jeevan Rekha

जीवन रेखा अंगूठे के आधार से निकलती हुई, हथेली को पार करते हुए वृत्त के आकार मे कलाई के पास समाप्त होती है। यह सबसे विवादास्पद रेखा है। यह रेखा शारीरिक शक्ति और जोश के साथ शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की भी व्याख्या करती है। शारीरिक सुदृढ़ता और महत्वपूर्ण अंगों के साथ समन्वय, रोग प्रतिरोधक क्षमता और स्वास्थ्य का विश्लेषण करती है।

भाग्य रेखा | Bhagya Rekha

भाग्य रेखा कलाई से आरंभ होती हुई चंद्र पर्वत से होते े हुये जीवन रेखा या मस्तिष्क या हृदय रेखा तक जाती है। यह रेखा उन तथ्यों को भी दर्शाती जो व्यक्ति के नियंत्रण के बाहर हैं, जैसे शिक्षा संबंधित निर्णय, कैरियर विकल्प, जीवन साथी का चुनाव और जीवन मे सफलता एवं विफलता  आदि।

सूर्य रेखा | Surya Rekha

सूर्य रेखा को अपोलो रेखा, सफलता की रेखा या बुद्धिमत्ता की रेखा के नाम से भी जाना जाता है। यह रेखा कलाई के पास चंद्र पर्वत से निकलकर अनामिका तक जाती है। यह रेखा व्यक्ति के जीवन मे  प्रसिद्धि, सफलता और प्रतिभा  की  भविष्यवाणी करती है।

स्वास्थ्य रेखा | Swasthya Rekha

स्वास्थ्य रेखा को बुध रेखा के रूप में भी जाना जाता है । यह कनिष्ठा के नीचे बुध पर्वत से आरंभ हो कर कलाई तक जाती है। इस रेखा द्वारा लाइलाज बीमारी को जाना जा सकता है। इसके द्वारा व्यक्ति के सामान्य स्वास्थ्य की भी जानकारी मिलती है।

यात्रा रेखाएँ | Yatra Rekha

ये  क्षैतिज रेखाएं कलाई और हृदय रेखा के बीच हथेली के विस्तार पर स्थित है। यह रेखाएं व्यक्ति की यात्रा की अवधि की व्याख्या, यात्रा में बाधाओं और सफलता का सामना तथा यात्रा मे व्यक्ति के स्वास्थ्य की दशा को भी दर्शाती है।

विवाह रेखा | Vivah Rekha

क्षैतिज रेखाएं कनिष्ठा के बिल्कुल नीचे और हृदय रेखा के ऊपर स्थित विवाह रेखाएं कहलाती है। यह रेखाएं रिश्तों में आत्मीयता, वैवाहिक जीवन में खुशी, वैवाहिक दंपती के बीच प्रेम और स्नेह के अस्तित्व को दर्शाता है। विवाह रेखा का विश्लेषण करते समय शुक्र पर्वत और हृदय रेखा को भी ध्यान मे रखना चाहिये।

करधनी रेखाएं | Kardhani Rekha

करधनी रेखा का आरंभ अर्धवृत्त आकार में कनिष्ठा और अनामिका उंगली के मध्य में और अंत  मध्यमा उंगली और तर्जनी  पर होता है। इसे गर्डल रेखा या शुक्र का गर्डल भी कहते हैं। यह व्यक्ति को अति संवेदनशील और उग्र बनाती है। जिन व्यक्तियों मे गर्डल या शुक्र रेखा पाई जाती है वह व्यक्ति की दोहरी मानसिकता को दर्शाता है।

सिमीयन रेखा | Simian Rekha

जो रेखा हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा को गठित करती है। सिमीयन रेखा, सिमीयन फोल्ड, सिमीयन क्रीज और ट्रांस्वर्स पाल्मर क्रीज़ के रुप में भी जानी जाती है। यह एक दुर्लभ रेखा है, मस्तिष्क और हृदय के संयोजन का प्रतिनिधित्व करती है। यह सिमीयन रेखा व्यक्ति मे मानसिक धैर्य और संवेदनशीलता  को दर्शाती है।